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acentric | अकंद्री | ऐसा गुणसूत्र जिसमें सेन्ट्रोमियर (सूत्रकेंद्र) नहीं होता। | | प्रतिपुष्टि |
acephalocys | एसेफैलोसिस्ट, अशीर्षपुटी | कुछ फीताकृमियों की उदाशय (हाइडेटिड) अवस्था। | | प्रतिपुष्टि |
acephalous | अशीर्षी | 1. सिर अथवा सिर-जैसी संरचना से रहित। 2. बिना सुस्पष्ट सिर वाला (जैसे लैमेलिब्रैंक मोलस्क या ऐम्फिऑक्सस) अथवा वक्ष में आकुंचित ह्रासित सिर वाला (जैसे डिप्टेरा गण के कुछ लारवा-कीट)। | | प्रतिपुष्टि |
acerate | सूच्याकार | (एकाक्ष अथवा तीक्ष्णांत कंटिकाओं के संदर्भ में) सूई की तरह एक ओर से नुकीली। | | प्रतिपुष्टि |
acerous | अश्रृंगिक | 1. बिना सींगों वाला। 2. बिना श्रृंगिकाओं वाला। 3. बिना स्पर्शक वाला। | | प्रतिपुष्टि |
acetabulum | श्रोणी उलूखल | 1. चतुष्पाद कशेरुकियों की श्रोणि मेखला में उरु अस्थि के शीर्ष के लिए चषकाकार गर्तिका जो श्रोणि-संधि बनाती है। 2. कीटों के वक्ष के कोटर जहाँ पाद लगे होते हैं। 3. लूताभों के कक्षांग की गर्तिका। 4. पर्णाभ तथा फिता कृमियों और जोंकों के चूषक(अंग) जिनसे वे परपोषी पर संलग्न होते हैं। 5. शीर्षपादों की भुजा पर पाये जाने वाले चूषक (अंग)। | | प्रतिपुष्टि |
acetyl choline | ऐसीटिल कोलीन | तंत्रिका कोशिका द्वारा स्रवित एक ऐसा तंत्रि-रसायन जो अंतर्ग्रथन तथा तंत्रिपेशीय संधि पर विमोचित होता है। इसके अणु कोलीनेस्टरेज की क्रिया द्वारा तुरंत निम्नीकृत हो जाते हैं और इस प्रकार तंत्रिका फिर से नए आवेग को ग्रहण करने के लिए सक्षम हो जाती है। | | प्रतिपुष्टि |
acetyl coenzyme a | ऐसीटिल सहएन्जाइम ए. | सह-एन्जाइम ए. का एक ऐसीटिल थायोएस्टर जो कार्बोहाइड्रेटों के अपचयन तथा अम्लों के बीटा-ऑक्सीकरण के दौरान बनता है। यह अनेक उपापचयी अभिक्रियाओं में अंतरण कर्मक का काम करता है। | | प्रतिपुष्टि |
Ampullaceous | तुंबिकासम | (संवेदिका के संबंध में) फ्लास्क के आकार की। | | प्रतिपुष्टि |
Biological race | जैव प्रजाति | पोषी प्रथमिकताओं के आधार पर वर्गीकृत जातियों के कार्यिकीय प्रभेद। | | प्रतिपुष्टि |
Carapace | पृष्ठवर्म | कई प्राणियों में पीठ या पृष्ठ सतह को ढकने वाला काइटिनी अथवा अस्थिल खोल जैसी संरचना। यह अधिकांश कशेरुकियों के भ्रूणों और शिशुओं के कंकाल में प्रमुख रुप में पाया जाता है और वयस्क अवस्था आने तक उसका अधिकतर भाग हड्डी द्वारा प्रतिस्थापित हो जाता है। एलास्मोब्रैंक मछलियों का कंकाल आजीवन उपास्थि का ही बना रहता है। | | प्रतिपुष्टि |
Cetacea | सिटेशिया (तिमिगण) | मछली से मिलती-जुलती आकृति के विशालकाय, जलीय, अपरायुक्त स्तनियों का गण जिसमें ह्वेल, सूंस और शिंशुक आते हैं, त्वचा के नीचे वसा की मोटी तह (तिमिवसा), पतवार या चप्पू- जैसे अग्रपाद, पूंछ का चौड़े पख (वाज) के रुप में होना तथा पश्च पोदों का अभाव इनके विशिष्ट लक्षण हैं। | | प्रतिपुष्टि |
Cretaceous period | क्रिटेशस कल्प | पृथ्वी के ऐतिहासिक कालक्रम में मेसोजोइक महाकल्प का एक खंड, जिसमें जुरेसिक और टर्शियरी के बीच साढ़े बारह करोड़ से लेकर 6 करोड़ वर्ष पूर्व तक का समय आता है। सरीसृपों की प्रधानता और सर्वप्रथम स्तनियों का विकास इस कल्प की विशेषता है। | | प्रतिपुष्टि |
Crustacea | क्रस्टेशिया | आर्थ्रोपोड संघ के अधिकाशंतः जलीय प्रणियों का एक वर्ग जिसमे झींगा, चिंगट, केकड़ा, बार्नेकल आदि आते हैं। शिरोवक्ष की सुरक्षा के लिए बाह्य कंकाल का होना, दो जोड़ी श्रृगिकाएं, एक जोड़ी चिबुक (मैन्डिबल) और द्विशाखी पाद इनकी प्रमुख विशेषताएं हैं। | | प्रतिपुष्टि |
Diffuse placenta | विसरित अपरा | अपरा का वह प्रकार जिसमें रसांकुर (villi) जरायु की सतह पर अलग-अलग फैले रहते हैं, जैसे सुअर, घोड़े आदी में। | | प्रतिपुष्टि |
Extracellular matrix | कोशिकाबाह्य आघात्री | कुछ ऊतकों में कोशिकाओं को घेरे रहने वाले प्रोटीनों और ग्लाइकोप्रोटीनों की अकोशिकीय आधात्री। यह विस्तृत हो सकती है, जैसे उपास्थि और संयोजी ऊतक में, तथा कैल्सीभूत हो सकती है, जैसे अस्थि आदि में। | | प्रतिपुष्टि |
Extracellular | कोशिकाबाह्य | कोशिका के बाहरर रहने का। | | प्रतिपुष्टि |
Extracellular digestion | कोशिकाबाह्य पाचन | जीव में कोशिकाओं के बाहर आहार-नाल या उसी तरह की गुहा में होने वाली पाचन क्रिया। उदा.-स्पंज के अतिरिक्त सभी बहुकोशिक प्राणियों में पाचन। | | प्रतिपुष्टि |
Facet | फलक | 1. संधि के लिए चिकनी, चपटी या गोल सतह अथवा तल; जैसे हड्डी का संधि तल | 2. संयुक्त नेत्र में स्वच्छमंडल (कॉर्निया) के सूक्ष्मखंड जो नेत्रांशक के बाहरी सिरे पर स्थित होते हैं। | प्रतिपुष्टि |
Haemochorial placenta | रुधिर-जरायु अपरा | मानव सहित कुछ स्तनियों में पाया जाने वाली अपरा, जिसमें मातृरुधिर कोशिकाओं की दीवारें गल जाती है ओर जिसके फलस्वरूप भ्रूण की रुधिर- वाहिकाएं मातृ-रुधिर के सीधे संपर्क में आ जाती हैं। | | प्रतिपुष्टि |
Intracellular digestion | अंतःकोशिकी पाचन | आंत्र या पाचन-तंत्र की नलिकाकर अवकाशिका में न होकर कोशिका के ही भीतर अंतर्गृहीत भोजन की पाचन-क्रिया। | | प्रतिपुष्टि |
Intracellular | अंतःकोशिकी, आंतरकोशिक | कोशिका के अंदर स्थित पदार्थों या वहां होने वाली क्रियोओं के लिए प्रयुक्त। | | प्रतिपुष्टि |
Lacerate | दीर्ण | कीट द्वारा पर्णशीर्ष के किनारों पर बनाए गए अनियमित गहरे कटाव। | | प्रतिपुष्टि |
Lacertilia | लेसटींलिया | सरीसृपों का एक गण, जिसमें छिपकलियां आती हैं। श्रृंगीय अधिचर्मी शल्क, गतिशील पलकें, अवस्कर और युग्मित मैथुनांग इनके प्रमुख लक्षण हैं। उदा. गिरगिट (कैलोटेस), गोह (वैरेनस) और कैमेलियोन। | | प्रतिपुष्टि |
Metacentric chromosome | मध्यकेंद्र गुणसूत्र | गुणसूत्र जिसमें सूत्रकेंद्र लगभग मध्य स्थान पर होता है। परिणामस्वरुप इन गुणसूत्रों की दोनों भुजाओं की लंबाई लगभग बराबर होती है। | | प्रतिपुष्टि |
Placenta | अपरा, प्लैसेन्टा | उच्चतर स्तनियों में भ्रूणीय ऊतकों (जरायु तथा अपरा-पोषिका) तथा गर्भाशय के ऊतकों के संलग्न होने से बनी संरचना जिसके माध्यम से परासरण द्वारा मातृ तथा भ्रूण के रक्त-प्रवाह से ऑक्सीजन, पोषण तथा वर्ज्य पदार्थों आदि का आदान-प्रदान होता है | अपरा के कई प्रकार हैं जैसे पाती (डेसीड्यूएट), दलीय (कॉटीलीडनीय), मंडलीय (जोनरी), चक्रिकाभ (डिस्कॉयडल), आदि | | | प्रतिपुष्टि |
Sebaceous gland | तैल ग्रंथि, वसा-ग्रंथि | स्तनियों की त्वचा में एक प्रकार की ग्रंथि जो सामान्यत: रोम पुटक (फोलिकल) में खुलती है और एक प्रकार के तेल या वसामय पदार्थ का स्रवण करती है। | | प्रतिपुष्टि |
Selective placement | चयनात्मक स्थापना, वरणात्मक स्थापना | किसी विशेष लक्ष्य पर कीटनाशक के इस्तेमाल को कम करने की दृष्टि से उसके स्थानन का एक तरीका। इसमें केवल उन्हीं सतहों को उपचारित किया जाता है जिन पर निक्षेप (डिपॉजिट) के अंतरण की संभावना सबसे ज्यादा होती है। स्थानन के इस तरीके का एक अन्य लाभ यह भी है कि इससे प्राकृतिक शत्रु कीटनाशक से प्रभावित होने से बच जाते हैं। यह कीटनाशियों के न्यायसंगत उपयोग का एक विधि है जो पर्यावरण के प्रदूषण को कम करती है। | | प्रतिपुष्टि |
Setaceous antenna | शूकमय श्रृंगिक | श्रृंगिका का ऐसा रुप जिसके खंड क्रमश: उत्तरोत्तर लघुत्तर होते जाते हैं और पूरी श्रृंगिका सिरे पर क्रमशः पतली होती हुई शूक जैसे हो जाती है। उदा.- तिलचट्टा। | | प्रतिपुष्टि |
Setaceous | शूकमय | शूकल; शूकवाला; शूक के आकार की संरचना। | | प्रतिपुष्टि |
Space spray | अवकाशी फुहार | ऐसा पीड़कनाशी जो ऐरोसोल पात्र या फुहारक (स्प्रेयर) से निकलकर तेजी से छोटे-छोटे बिंदुओं के रुप में कमरे या भवन में फैल जाता है और कीटों तथा अन्य पीड़कों को नष्ट कर देता है। | | प्रतिपुष्टि |
Ultracentrifugation | द्रुतअपकंद्रण | किसी निलंबन अथवा विलयन का एक अक्ष के चारों ओर बहुत तेज चाल (500,00 जी अथवा अधिक) से घूर्णन करना। इस प्रक्रिया में कण जिस चाल से अक्ष की ओर जाते हैं वह कणों के अणुओं की आकृति और आकार पर निर्भर है। इस प्रकार ये कण विभिन्न स्थानों पर पट्टतः व्यवस्थित हो जाते हैं। जैव अणुओं को अलग-अलग करने की यह सर्वाधिक उपयोगी विधि है। | | प्रतिपुष्टि |